उत्पादक बनाने के इच्छुक जिज्ञासु से निवेदन

उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लें ! : तमिलनाडु राज्य के कांचीपुरम् जनपद (जिला) में एक गांव है, ‘कट्टावाकम्’ । इस गांव में ‘पंचगव्य गुरुकुलम्’ है । यहां पंचगव्य चिकित्सा उपचार पद्धति का स्वास्थ्य प्रशिक्षण दिया जाता है जिसमें पंचगव्य से औषधियां तथा उत्पाद कैसे बनाएं? इसकी शिक्षा भी दी जाती है । इस गुरुकुल के विषय में विस्तृत जानकारी सनातन के ग्रंथ ‘गोसंवर्धन’ में दी है ।

 

चरण-प्रति-चरण अभ्यास करें !

  1. ग्रंथ में बताई गई औषधियां कोई भी गोपालक सहज बना सकता है ।
  2. औषधि बनाने का अनुभव नहीं रखने वाले कुछ लोग एक ही समय अधिक मात्रा में औषधि बनाते हैं । अपेक्षाअनुसार औषधि न बन पाने के कारण कभी-कभी पूरी प्रक्रिया ही कठिन लगने लगती है । इसलिए अभ्यास के लिए इस पाठ में जानबूझकर घटक पदार्थों की मात्रा अल्प रखी गई है । इससे औषधि व्यर्थ हो जाए तब भी बड़ी हानि नहीं होगी ।
  3. आरंभ में थोड़ी मात्रा में औषधियां बनाने का अभ्यास करें । अभ्यास हो जाने पर सभी घटक पदार्थों की उचित मात्रा लेकर आवश्यक मात्रा में औषधियां बनाई जा सकती है ।