बाल पाल रस छोटे बच्चों के विकास

घटक पदार्थ और उनकी मात्रा

  1. गोमूत्र चंद्रमा अर्क एक लीटर
  2. देसी शक्कर : 300 ग्राम देसी
  3. सूखी शतावरी : 50 ग्राम
    शतावरी की कंद (मूल) होती है । इस पर पतली छाल होती है । छाल को निकालने के लिए नए (ताजे) कंद को एक घंटा गुनगुने पानी में रखना चाहिए । ऐसा करने से छाल सहजता से निकलती है । कंद के मध्य में तारसमान खड़ा डोर रहता है । कंद को तोड़कर यह डोरा भी निकाल दें और शतावरी के छोटे-छोटे टुकड़े कर, धूप में सुखा लें ।
  4. नींबू- सत (साइट्रिक एसिड) : आधी चुटकी
  5. खाने का प्राकृतिक लाल रंग : आधी चुटकी

बनाने की विधि

  1. लोहे की कड़ाही में अथवा स्टील के पतीले में गोमूत्र चंद्रमा अर्क और शतावरी का मिश्रण उबालें ।
  2. उबाल आने पर उसमें देसी शक्कर डालें ।
  3. मिश्रण से झाग आए, तो उस झाग को निकालकर कीटनाशक में प्रयुक्त करने के लिए रख दें ।
  4. यह मिश्रण 700 मिलीलीटर शेष रह जाए, तब चूल्हे से उतार दें ।
  5. अब इसमें आधी चुटकी नींबू का सत और आधी चुटकी खाने का प्रकृतिक लाल रंग डालकर ठीक से मिला दें ।
  6. मिश्रण ठंडा होने पर छानकर चीनीमिट्टी की बरनी में एक चौथाई रिक्त रखकर भरें ।
  7. बरनी का ढक्कन ठीक से लगा कर उसे एक माह तक अंधेरी कोठरी में अनाज की राशि में, बालू में अथवा मिट्टी में गाड दें ।
  8. एक माह पश्चात् बरनी का ढक्कन खोलें और औषधि ऊपर-ऊपर से धीरे से निकाल कर छान लें नीचे की तलछट औषधि में न आने दें ।
  9. यह बाल पाल रस कांच की बोतल में, उनका पांचवा भाग रिक्त रखकर, भर लें ।