घी खाकर कोलोस्ट्रॉल किया कम, डॉक्टर भी हैरान!

हमारे एक मित्र सुमंत भट्टाचार्य की वॉल से साभार

मेरे एक मित्र हैं विजय शर्मा…
दिल्ली के पॉश इलाके बसंत बिहार में उनकी मिठाइयों की दुकान है बंगाल स्वीट्स नाम से..
उनके पिता की बाय पास सर्जरी हुई थी..
तो मैकाले वाले डाक्टरों ने कहा..
घी और चिकनाई से एकदम दूर रहे..
वरना बैड कॉलस्ट्राल बढ़ जाएगा..
लेकिन उन्होंने देसी गाय का घी इस्तेमाल किया और उनकी रिपोर्ट ..
बता रही है कि बैड कॉलस्ट्राल कम हो रहा है..


और गुड कॉलस्ट्राल बढ़ रहा है..
मैकाले डॉक्टर हैरान….
पिताजी मुस्करा कर रह गए..
वजह नहीं बताई..
क्योंकि मैकाले डाक्टर . कभी यकीन ना करेगा..
क्योंकि उसकी अंग्रेजी वाली आस्था की किताब में नहीं लिखा है.

इस अनुभव का मैं इसलिए नहीं जिक्र कर रहा हूं..
और आप भारतीयों को इस सच्चाई को बताने की जुर्रत कर रहा हूं..
बल्कि इसलिए जिक्र कर रहा हूं..
अभी अमेरिका स्थित एक डाक्टर मित्र से चैट हो रही थी..
उन्होंने बताया कि अमेरिका में ..
दूध का मानक चारा है..
अमेरिकी लोग ऑर्गेनिक चारा खाने वाली..
जर्सी गाय का दूध पीते हैं..
अब सुनिए इसी से मुत्तालिक दूसरा सच..
हरियाणा की एक गौशाला में प्रयोग हुआ..
देसी गाय को नियंत्रित मात्रा में आर्सेनिक यानि संखिया दिया गया..
लगातार दूध की जांच हुई..
दूध में संखिया नहीं मिला..
लेकिन गाय के गले में नीला मालानुमा निशान उभर आया..
क्या संखिया जहर नीलकंठ बन गया..?
क्या इसीलिए शिव को नीलकंठ भी कहा जाता है..?
तभी हम शिवरात्रि मनाते हैं..?
और आज शिवरात्रि है..
महादेव को प्रमाण..

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बहरहाल कहना यह चाह रहा हूं..
मानव शरीर हर पल ना जाने कितने ही बैक्ट्रियां से लड़ता है..
और बैक्ट्रिया जाति और महजब नहीं देखती..
कुरान और गीता का फालोवर पहचान कर अटैक नहीं करती..
असंख्य बैक्ट्रिया भोजन और श्वांस से हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं..
और हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता उनको शिकस्त देती रहती है..
और प्रतिरोधक क्षमता खत्म होते ही यह शऱीर हार जाता है..

अब यदि चारा मानक है तो क्या अमेरिकी ज्ञानी..
बता सकते हैं कि कितने किस्म की बैक्ट्रिया की वो शिनाख्त कर चुके हैं..?
क्योंकि एक चम्मच मिट्टी में मौजूद बैक्ट्रिया की संख्य़ा..
धरती पर कुल जीवित आबादी का भी कई गुना है..
क्या मैकाले साइंस ने सभी बैक्ट्रिया को पहचान लिया है..?
यह जान लिया है कि कौन से बैक्ट्रिया मानव हित में हैं..?
और कौन से मानव के अहित में..?

अब यह भारतीय ज्ञानियों का दायित्व है ..
वह मानव शरीर पर प्रयोग करके बताएं..
भारतीय गौ के दूध का चमत्कार क्या है..?
जो चमत्कार नहीं विज्ञान है..
दुनिया को बताएं ..
भारतीय गौओं की परिशोधन शक्ति..
कैसे मानव को अहित करने वाली ताकतों को..
भारत की गौ मां का अमृत निर्मूल करता है..
और यह दायित्व हमारा सबका है..
क्योंकि गौ मां हमारी भाषा नहीं बोल सकती..
सनातनियों को गौ मां की भाषा को समझना और..
दुनिया में स्थापित करना होगा…

ना इति
यानि
जो मैं लिख रहा हूं यही ज्ञान का अंत नहीं है..
अपने ज्ञान और अनुभव से इसे समृद्ध कीजिए..

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